डाइट

विटामिन-सी, सेहत का खजाना

विटामिन सी की खोज स्कर्वी रोग का उपचार और कारण ढूंढते हुए हुई थी। स्कर्वी रोग पानी के जहाज के चालकों और यात्रियों को विशेष रूप से होता था, जो कि समुद्री यात्रा पर बहुत लंबे समय के लिए जाते थे और उनमें से अधिकतर यात्रियों की मृत्यु स्कर्वी रोग के कारण ही होती थी। स्कर्वी रोग के कारण और उपचार की खोज करते-करते पता चला कि ताजे, खट्टे और रसीले फल इस रोग के उपचार में बहुत सहायक सिद्ध होते हैं। वैज्ञानिकों ने संतरा, नींबू, मौसमी व अन्य इसी प्रकार के फलों से विटामिन सी के क्रिस्टलों को अलग किया। स्कर्वी रोग को दूर करने वाले गुणों के कारण इसे एस्कोर्बिक एसिड का नाम भी दिया गया।

विटामिन सी के गुण-

1. यह सफेद, रवेदार, पानी में घुलनशील विटामिन है
2. यह ताप से नष्ट हो जाता है।
3. इसमें कार्बोक्सिलिक समूह नहीं रहता फिर भी यह अम्ल की श्रेणी में आता है, क्योंकि इसका जलीय विलयन अम्लीय होता है। 4. विटामिन सी की कमी से स्कर्वी रोग होता है।

हमारे शरीर में विटामिन सी के कार्य-

• विटामिन सी हमारे दांत, अस्थियों व रक्त वाहिनियों की दीवारों को स्वस्थ रखता है
• यह हमारे शरीर के घावों को भरने में मदद करता है
• यह अंतः कोशिकीय पदार्थ का निर्माण करता है।
• विभिन्न रोगों के प्रति रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी पावर बढ़ाता है।
• एड्रिनल ग्रंथि के हार्मोन के संश्लेषण में महत्वपूर्ण कार्य करता है।
• फोलिक अम्ल को फोलिनिक एसिड में बदलता है।
• संक्रमण की अवस्था में, जैसे- निमोनिया आदि में विटामिन सी की अधिक मात्रा शारीरिक कोशिकाओं को नष्ट होने से बचाए रखती है।

विटामिन सी की कमी का शरीर पर प्रभाव-

1. स्कर्वी रोग की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
2. विटामिन सी की कमी से मनुष्य की हड्डियां खोखली हो जाती हैं।
3. विटामिन सी की कमी से बच्चों की छाती में दर्द होता है तथा उन्हें सांस लेने में परेशानी भी होती है।

प्राप्ति के स्रोत (Sources)-

विटामिन सी आंवला तथा अमरुद में मुख्य रूप से पाया जाता है। इसके अलावा ताजे, रसीले और खट्टे फलों जैसे- नींबू, नारंगी व संतरे में यह भरपूर मात्रा में मिलता है। अंकुरित दालों व अनाजों में भी पाया जाता है।

Related posts

पौष्टिक आहार यानि सुखी जीवन का आधार

admin

नारियल तेल के फायदे अनेक

admin

सब्जिया – जो है सेहत का खजाना

admin

Leave a Comment