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दिमाग को रखना चाहते हैं स्वस्थ, तो अपनी इन आदतों को करें दूर

मस्तिष्क हमारे शरीर की कार्यप्रणाली का वह हिस्सा है, जो शरीर का पूरा ध्यान रखने का कार्य करता है। शायद यही कारण है कि इंसान का शरीर तो खुद ब खुद विकास कर लेता है, लेकिन हमारे ब्रेन को ट्रेंड करना पड़ता है। और, आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हमारी दिनचर्या में कई ऐसी आदतें शामिल हो गई हैं। जो कहीं ना कहीं हमारे दिमाग की मांसपेशियों को प्रभावित करती हैं। अव्यवस्थित दिनचर्या के कारण जहां शारीरिक तकलीफ में बढ़ रही हैं, वहीं मानसिक तनाव भी बढ़ रहा है। हमें ऐसी नकारात्मक आदतों को बदलना चाहिए, अन्यथा इनका हमारे दिमाग पर हानिकारक प्रभाव पड़ सकता है-

1. अधिक कैलोरी युक्त आहार लेना-

हमारे शरीर को एक निश्चित मात्रा में कैलोरी की आवश्यकता होती है। यदि हम जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेते हैं तो फिर हमारा शरीर इसे पचा पाने में असमर्थ होता है। जो वसा के रूप में हमारे शरीर में जमा हो जाती है। स्वाद के चक्कर में कुछ लोग ज्यादा खा लेते हैं, जिससे इंसुलिन का लेवल भी बढ़ता है। जिससे डायबिटीज और मोटापा बढ़ने लगता है और इन समस्याओं की वजह से मस्तिष्क पर असर पड़ता है और स्मरण शक्ति भी कमजोर होने लगती है।

2. शारीरिक व्यायाम न करना-

लोग शारीरिक व्यायाम पर ज्यादा ध्यान नहीं देते, जिससे शरीर में जड़ता आने लगती है। व्यायाम न करने से शरीर में ठीक से रक्त संचार नहीं हो पाता, जिससे दिमाग पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। प्रतिदिन कम से कम 30 से 40 मिनट तक व्यायाम, योगासन एवं प्राणायाम अवश्य करें।

3. मोबाइल का अधिक प्रयोग-

आजकल मोबाइल सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण हो गया है। लगातार मोबाइल पर बात करते रहना हमारे जीवन का हिस्सा बन गया है। लेकिन, इसके अधिक इस्तेमाल से हमारे मस्तिष्क पर बुरा असर पड़ रहा है। मोबाइल से निकलने वाले रेडिएशन मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते है। इससे नींद कम आना, दिन भर सुस्ती, अधिक तनाव सिरदर्द आदि बीमारियां हो सकती हैं।

4. रात में ज्यादा समय जागना-

सभी के लिए पर्याप्त नींद लेना बहुत जरूरी है। लेकिन, ज्यादातर लोग मोबाइल या टीवी के कारण देर रात तक जागते रहते हैं और इसका नींद पर गहरा असर पड़ता है। इसका कारण यह है कि जब हमारा दिमाग सोने के संकेत देता है तो उस समय हम दूसरे कामों में लग जाते हैं, और नींद का समय बाधित हो जाता है और फिर सुबह जल्दी उठने के कारण नींद की कमी से शरीर और मस्तिष्क दोनों कमजोर होने लगते हैं। कुछ लोगों को देर रात तक जागने के कारण डिप्रेशन की समस्या भी होने लगती है।

5. नशा करने से-

नशा करने की गलत आदत के कारण दिमाग की कोशिकाएं बहुत क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। जिससे शरीर और मस्तिष्क दोनों कमजोर हो जाते हैं तथा अनेक बीमारियां बढ़ने लगती हैं।

6. ज्यादातर अकेले रहने से भी दिमाग पर बुरा असर पड़ता है, इससे अल्जाइमर का खतरा भी बढ़ जाता है।

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