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दूध, एक सम्पूर्ण आहार

मनुष्य के आहार में दूध का प्रमुख स्थान है। दूध में शरीर के पोषण के लिए सभी आवश्यक तत्व विद्यमान होते हैं। दूध में पर्याप्त मात्रा में कार्बोज, वसा, प्रोटीन, विटामिन, खनिज लवण एवं जल पर्याप्त मात्रा में उपस्थित होते हैं। इसीलिए दूध को एक उत्तम और सम्पूर्ण आहार माना जाता है। शिशुओं के लिए दूध का महत्व और भी अधिक होता है। गाय, भैंस, बकरी तथा भेड़ आदि मादा पशुओं से दूध प्राप्त किया जाता है। दूध में लगभग 87.25 प्रतिशत मात्रा जल होता है तथा शेष 12.75 प्रतिशत ठोस पदार्थ होते हैं, जिनमें वसा, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन एवं भस्म होते हैं। इसके अतिरिक्त अल्प मात्रा में कुछ घुलनशील गैसें, एंजाइम, तथा रंग कण भी दूध में सम्मिलित रहते हैं।

दूध में उपस्थित पोषक तत्व-

1. जल-

दूध में सर्वाधिक मात्रा जल की होती है सामान्य रूप में दूध में 80 90% मात्र जल की ही होती है। यह भी माना जाता है कि दूध में विभिन्न पोषक तत्व जल में घुली अवस्था अथवा पायस या कोलॉयड अवस्था में उपस्थित रहते हैं।

2. प्रोटीन-

दूध में प्रोटीन भी पर्याप्त मात्रा में होती है। गाय भैंस के दूध में 3-4 प्रतिशत तक प्रोटीन पाई जाती है। दूध के उत्तम प्रकार के प्रोटीन में आवश्यक एमीनो अम्ल, जो तंतुओं के संश्लेषण के लिए आवश्यक है, आदर्श अवस्था में पाए जाते हैं। समस्त प्रोटीन का 4/5 भाग केसीन है तथा शेष भाग लेक्टोएल्बुमिन एवं लेक्टोग्लोबुलीन है। दूध, दालों की प्रोटीन तथा लाइसिन एवं ट्रिप्सिन की भी पूर्ति करता है। एक औंस दूध में 1 ग्राम प्रोटीन होता है।

3. वसा-

दूध में 3-4% भाग वसा का होता है। वसा दूध में पायस या इमल्शन के रूप में रहती है, इसीलिए दूध का वसा सरलता से पच जाता है। इस वसा में विटामिन ए एवं डी भी पाए जाते हैं। दूध में मुख्य रूप से ब्यूटिरिक वसा अम्ल, पमिटिक तथा ऑलिइक अम्ल पाए जाते हैं। दूध में वसा क्योंकि पायस अवस्था में रहती है, अतः दूध को काफी समय तक स्थिर रखे जाने पर वर्षा की अधिकांश मात्रा दूध की ऊपरी सतह पर आ जाती है।

4. कार्बोहाइड्रेट्स-

दूध में शर्करा लड्डू के रूप में पाई जाती है। लेक्टोज की दूध में मात्रा 4-5% तक होती है। दूध में पाए जाने वाला लैक्टोज घुलनशील अवस्था में होता है। यह कम मीठा तथा विशेष रूप से उपयोगी होता है। दूध का लेक्टोज शरीर द्वारा कैल्शियम एवं फास्फोरस के अवशोषण में सहायक होता है। दूध से दही भी लैक्टोज के कारण ही बनता है।

5. खनिज लवण-

दूध में मुख्य रूप से कैल्शियम तथा फास्फोरस नमक खनिज लवण पाए जाते हैं। इसके अतिरिक्त दूध में पोटेशियम, सोडियम मैग्नीफिशिया जा आयोडीन भी अल्प मात्रा में पाए जाते हैं। दूध के जलने पर उसका कत्थई-भूरे रंग में परिवर्तित होना भी खनिज लवणों के कारण होता है। दूध में खनिज लवण घुलनशील अवस्था में ही होते हैं।

6. विटामिन्स

दूध में विभिन्न विटामिन भी समुचित मात्रा में पाए जाते हैं। दूध में मुख्य रूप से विटामिन ए तथा विटामिन बी अधिक मात्रा में पाए जाते हैं। अल्प मात्रा में दूध में विटामिन सी तथा विटामिन डी भी विद्यमान होते हैं, किंतु दूध को उबालने पर इसका विटामिन सी प्राय: नष्ट हो जाता है।

7. एन्जाइम-

एंजाइम विभिन्न शारीरिक क्रियाओं में उत्प्रेरक की भूमिका निभाते हैं। दूध में भी कुछ एंजाइम होते हैं। यदि दूध कुछ समय तक बिना उबाले रखा जाए तो वह फट जाता है तथा उसका स्वाद भी खट्टा हो जाता है। यह क्रिया एंजाइम के कारण ही संभव होती है। दूध में उपस्थित एन्जाइम्स विद्यमान विभिन्न तत्वों के विघटन को उत्प्रेरित करते हैं।

8. रंग तथा गैसें-

दूध में अत्यंत अल्प मात्रा में कार्बन, ऑक्सीजन चक्र नाइट्रोजन गैस से घुलनशील अवस्था में रहती हैं दूध में फ्लेविन नामक रंग कण भी विद्यमान होते हैं।

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