डिज़ीज़

किडनी स्टोन होने पर क्या खाएं और क्या पिएं

पथरी किडनी से संबंधित एक बीमारी है। इस बीमारी से पीड़ित मरीजों को किडनी में पत्थर का निर्माण होने लगता है। पत्थरों के आकार में अंतर होता है। किसी व्यक्ति की किडनी में बड़े पत्थर का निर्माण होता है, तो किसी दूसरे व्यक्ति की किडनी में छोटे पत्थर का निर्माण होता है। अक्सर छोटी-छोटी पथरिया मूत्र के जरिए बाहर निकल जाती हैं लेकिन बड़ी पथरी ना केवल मूत्र संचालन में बाधा उत्पन्न करती है, बल्कि इससे कमर और पेट में भी पीड़ा होती है। महिलाओं की तुलना में पुरुषों में बीमारी ज्यादा देखी जाती है। विशेषज्ञों की मानें तो 10 में से एक व्यक्ति पथरी से पीड़ित होता है। पथरी से पीड़ित मरीजों को रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि पानी के जरिए भी पथरी बाहर निकल जाती है। हालांकि, हमेशा शुद्ध और साफ पानी ही पीना चाहिए इसके लिए आरओअथवा बोतल बंद पानी पिएं। पथरी के मरीजों को चिकित्सक कुछ चीजों से परहेज करने की सलाह देते हैं तो आइए जानते हैं कि पथरी से पीड़ित मरीज क्या खाएं-

• कलमी शाक का काढ़ा पिएं-

पथरी के मरीज को रोजाना एक मुट्ठी कलमी शाक की पत्तियों का काढ़ा बनाकर पीना चाहिए। इससे बहुत जल्द ही पथरी से आराम मिलता है। हालांकि इसका सेवन करने से पहले आप डॉक्टर से सलाह जरूर ले

• जैतून का तेल-

एक शोध की मानें तो जैतून का तेल पथरी को गलाने में अहम भूमिका निभा सकता है। इसके लिए पथरी से पीड़ित मरीजों को रोजाना एक गिलास पानी में जैतून तेल की कुछ बूंदे मिलाकर पीनी चाहिए। स्वाद बढ़ाने के लिए नींबू के रस का भी सहारा लिया जा सकता है।

• आंवला-

विशेषज्ञों की मानें तो आंवला किडनी स्टोन को दूर करने में सक्षम है। आप आंवला पाउडर या फिर आंवला के जूस का सेवन कर सकते हैं। रोजाना सुबह खाली पेट आंवला जूस पीना फायदेमंद साबित हो सकता है।

• दूध-

पथरी के रोगी को अक्सर दूध पीने की सलाह भी दी जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि दूध एक सम्पूर्ण आहार है, और यह पथरी को साफ करने में भी मदद कर सकता है।

• दही-

पथरी के मरीज को सेट्रिक एसिड का सेवन करना चाहिए। सेट्रिक फल सामान्य रूप से खट्टे होते हैं और दही भी इसी श्रेणी में आता है। ऐसे में आप को नियमित रूप से दही का सेवन करना चाहिए।

• चावल-

चावल में जरूरी पोषक तत्व होते हैं, जो पथरी को साफ करने की क्षमता रखते हैं। पथरी के रोगी को चावल का पानी पीने की भी सलाह दी जाती है।

• आलू-

वैसे तो हमें ज्यादा मात्रा में आलू के सेवन से बचना चाहिए। लेकिन, गुर्दे की पथरी की बात करें तो ऐसे में डॉक्टर सलाह देते हैं कि ज्यादा से ज्यादा मात्रा में कार्बोहाइड्रेट का सेवन किया जाए। क्योंकि कार्बोहाइड्रेट गुर्दे में पथरी के निर्माण को बाधित करता है और आलू में पर्याप्त मात्रा में कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है। इसलिए आलू का सेवन करने से गुर्दे की पथरी से बचा जा सकता है।

• पथरी में पानी की प्रचुर मात्रा का सेवन करें-

गुर्दे की पथरी से बचने का प्राकृतिक इलाज है कि हम प्रचुर मात्रा में पानी का सेवन करें। कई बार तो यह भी देखा गया है कि हमारे शरीर में पानी की कमी होने से गुर्दे की पथरी की संभावनाएं बढ़ जाती हैं और जब हम पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करते हैं तो हमारे शरीर में काफी मात्रा में मूत्र बनने लगता है। ज्यादा मूत्र बनने से शरीर में उपस्थित हानिकारक पदार्थ आसानी से बाहर निकल जाते हैं। हम जितना अधिक पानी पीते हैं हमारे शरीर की उतनी ही ज्यादा सफाई होती है। ठीक इसी तरह से यदि गुर्दों में कैल्शियम का जमाव होने लगता है तो पर्याप्त पानी का सेवन करने से गुर्दे की सफाई आसानी से हो जाती है 1 दिन में कम से कम 10-12 गिलास पानी पीने की कोशिश करें। ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ लें।

• खट्टे फलों का सेवन-

खट्टे फल और उनके रस स्वाभाविक रूप से सैट्रिक एसिड के कारण किडनी स्टोन को कम करने या रोकने में मदद कर सकते हैं। नींबू, संतरे और अंगूर सेट्रिक एसिड के अच्छे स्रोत हैं। संतरे का जूस, मौसमी का जूस, ताजा नींबू पानी, फलों का ताजा रस विशेष रूप से पीजिए।

• तुलसी-

तुलसी की पत्तियों में कुछ ऐसे तत्व मौजूद होते हैं जो यूरिक एसिड के लेवल को स्थिर करने में सक्षम होते हैं। जिसके कारण किडनी में स्टोन नहीं बन पाते हैं। तुलसी की पत्तियों में पाया जाने वाला एसिटिक एसिड किडनी के स्टोन को पिघलाने और खत्म करने में मदद करता है। रोजाना एक चम्मच तुलसी का रस पीने से किडनी के स्टोन को दूर करने में मदद मिलती है।

Related posts

डायबिटीज़ – समस्या और समाधान

admin

थायराइड, समस्या और घरेलू उपचार

admin

वाटर रिटेंशन (शरीर में पानी भर जाना) क्या होता है – कारण , समस्या और समाधान

admin

Leave a Comment