जीवन शैली

खुद को पॉजिटिव रखने के 11 आसान तरीके

हर किसी के जीवन में अच्छा और बुरा दोनों प्रकार का समय आता है। अच्छे समय के साथ साथ, बुरे समय को भी धैर्य व सहनशीलता के साथ व्यतीत करना हम सबको आना चाहिए। जिंदगी में हर परिस्थिति का सामना कर उसमे सफलता प्राप्त करना चुनौतीपूर्ण अवश्य होता है, लेकिन असंभव बिल्कुल नहीं। हम खुद की सोच को सकारात्मक रखकर हर मुसीबत को पार कर सकते हैं। ऐसे में यह आसान उपाय अपनाकर खुद को रखिए हमेशा पॉजिटिव-

● सादा जीवन उच्च विचार-

जो लोग अपने जीवन में सीधे और सरल स्वभाव से जीते हैं, वह हमेशा खुश रहते हैं और पॉजिटिव महसूस करते हैं। आपको हमेशा सकारात्मक रहने के लिए सादा जीवन उच्च विचार के सिद्धांत पर ही चलना चाहिए। इससे जीवन में अपेक्षाएं कम रहती हैं और खुशियां ज्यादा मिलती हैं।

● नकारात्मक सोच वालों से रहें दूर-

आपको ऐसे लोगों को दोस्त बनाना चाहिए जो हमेशा खुश रहते हैं और अच्छी बातें करते हो। अन्यथा, जीवन में बहुत से ऐसे लोग मिलते हैं जो दिनभर नेगेटिव बातें करते हैं। एक दूसरे के बारे में बुरा सोचते हैं ऐसे लोगों से दूर ही रहना चाहिए।

● अच्छी नींद लें-

रात को अच्छी नींद लेने से दिन में काम करते समय आलस नहीं रहता है। शरीर के अंदर ऊर्जा बनी रहती है। मन से भी हमेशा पॉजिटिव महसूस करते हैं। हर रोज 6 से 8 घंटे की नींद अवश्य लेनी चाहिए।

● अपने से छोटे लोगों को देखकर संतुष्टि-

आमतौर पर हम कितनी ही अच्छी जिंदगी जी रहे हो, उसके बावजूद भी हम अपने से बड़े और अमीर लोगों को देखकर कुंठाग्रस्त हो जाते हैं। उनके रुपए, पैसे, बंगले, गाड़ी आदि को देखकर मन ही मन खुद को उनसे छोटा समझने लगते हैं। लेकिन, यदि हम अपने से छोटे स्तर के लोगों को देखें, जैसे सड़क पर फल-सब्जी बेचने वाले, भीख मांगने वाले, मजदूरी करने वाले या अन्य छोटा-मोटा काम करके अपना पेट पालने वाले मजदूर, धूप में कड़ी मेहनत करने वाले किसान आदि को देखने पर हमें यह अनुभव होगा कि हम भगवान की कृपा से उनसे बेहतर हैं और उसके लिए हमें ईश्वर का धन्यवाद करना चाहिए।

● ध्यान एवं योगाभ्यास-

अपने जीवन में पॉजिटिव एनर्जी बनाए रखने के लिए प्रतिदिन योगा और मेडिटेशन करना बहुत आवश्यक है। इसके साथ ही आसन एवं व्यायाम भी करने चाहिए। इन सब शारीरिक व मानसिक गतिविधियों से हमारे मस्तिष्क का तनाव दूर होता है, सकारात्मक विचार मन में बढ़ते हैं।

● अतीत को छोड़कर वर्तमान पर ध्यान दें-

हम में से बहुत सारे लोग अपने भूतकाल में हुए खराब अनुभव, दुख, कष्ट को सोच-सोच कर अपना वर्तमान समय भी बर्बाद करते रहते हैं। अधिकांश लोग पुरानी चीजों को याद करके अफसोस करते रहते हैं। लेकिन, यदि आप अतीत में ही खोए रहेंगे तो वर्तमान पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाएंगे और कभी भी सफल नहीं हो पाएंगे। इसलिए पिछले समय में आपके साथ जो भी कुछ बुरा हुआ, गलत हुआ, कष्टदायक हुआ, उसको धीरे-धीरे भूलकर वर्तमान जीवन को हंसी-खुशी जीने के बारे में और भविष्य को अच्छा बनाने में ध्यान देना चाहिए।

● असहाय लोगों की सेवा-

जीवन में जब कभी आपके मन में नकारात्मकता या निराशा आए तो आपको दूसरों की मदद करने का प्रयास करना चाहिए। जैसे- किसी गरीब को खाना खिलाना, किसी गरीब बच्चे को कपड़े पहनाना, किसी परेशान आदमी की मदद करना, दान देना, दूसरों की सेवा और सहायता करने में हमारे मन को खुशी और संतुष्टि मिलती है। जिससे हम को पॉजिटिव एनर्जी और सकारात्मक विचार बढ़ते हैं।

● कृतज्ञता का भाव-

ईश्वर की कृपा से हमें ऐसी बहुत सी चीजें मिली हैं, जो अन्य कई लोगों के पास नहीं है, इसके बावजूद भी हम कभी खुद को संतुष्ट रखकर ईश्वर का आभार व्यक्त करने की बजाए उन चीजों के बारे में चिंता करते रहते हैं जो हमारे पास नहीं है। प्रकृति ने हमें बहुत कुछ दिया है रहने के लिए जमीन दी है, खाने के लिए अनाज फल सब्जियां दी हैं, माता-पिता, परिवार दिया है, पर्यावरण किया है, इसलिए हमें इन सभी चीजों के लिए प्रकृति और परमात्मा का शुक्रगुजार होना चाहिए। इनके अलावा जो भी आपकी मदद करता है उसका शुक्रिया अदा करते हुए मन में हमेशा कृतज्ञता का भाव रखना चाहिए।

● स्वस्थ शरीर सकारात्मक सोच-

स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है। जो लोग अक्सर बीमार रहते हैं, उनके दिमाग में भी हमेशा नेगेटिविटी बनी रहती है। उनको विभिन्न प्रकार के कष्ट रहते हैं। इसलिए हमें सबसे पहले अपने स्वस्थ रहने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। पौष्टिक आहार खाएं, पूरी नींद सोए, तला भुना और मसालेदार खाना ना खाएं। नियमित व्यायाम करें। किसी भी नशीले पदार्थ का सेवन बिल्कुल ना करें। जब आप शरीर से स्वस्थ होंगे तो अपने आप ही आपकी सोच में सकारात्मकता और ऊर्जा बनी रहेगी। मन में अच्छे विचार आएंगे, जीवन खुशहाल रहेगा।

● महापुरूषों से प्रेरणा-

हर व्यक्ति की जिंदगी में समस्याएं आती हैं। कुछ लोगों के जीवन में कम, परंतु कुछ लोगों के जीवन में बहुत अधिक समस्याएं आती हैं। लेकिन फिर भी ऐसे बहुत से महापुरुष हुए हैं, जिन्होंने अनंत समस्याओं का सामना करने के बावजूद भी कभी हार नहीं मानी और जीवन से संघर्ष करते हुए बहुत सारी उपलब्धियां प्राप्त की। स्वामी विवेकानंद, महात्मा गांधी, अब्राहिम लिंकन, सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह आदि अनेक महापुरुषों ने अपने जीवन काल में कठिन परिश्रम और संघर्ष के बलबूते इतिहास में अपना नाम दर्ज किया। ऐसे महापुरुषों की जीवनी पढ़िए, आपको बहुत मोटिवेशन मिलेगा।

चिंता का त्याग-

कई लोग 24 घंटे व्यर्थ की चिंता में लगे रहते हैं, जिसके कारण उनके दिमाग में नकारात्मक विचार आते रहते हैं। जैसे नौकरी की चिंता, व्यापार की चिंता, मकान की चिंता, बच्चों की पढ़ाई की चिंता, इंश्योरेंस की चिंता, लोन की चिंता, परिवार की चिंता आदि यह भी एक प्रकार से मानसिक विकार है। व्यर्थ की चिंता करने से आपका मन कमजोर होता है और नकारात्मकता के कारण बीमारियां भी बढ़ती हैं।

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